प्रबंधक के कलम से.....

प्रिया छात्रों एवं अभिवावक गण ,

मानवीय गुण अनुशासन तथा शिक्षा के अदभूत विकास के लिये संस्थान में उचित शैक्षणिक संसाधन के प्रबन्ध किया गया है साथ ही साथ आवश्यकता के अनुकूल संख्या मैं उच्च शिक्षा से सुसज्जित अनुभवी एवं कुशल प्रशिक्षण प्राप्त अध्यापक एवं अध्यापिकाओं को नियुक्त किया गया है इनके कुशल मार्गदर्शन में छात्र एवं छात्राओ को उचित शिक्षा प्रदान करने क लिये उपयुक्त वातावरण कि पृष्ट्भूमि तैयार कर छात्र एवं छात्राओ के मानसिक स्तर का आकलन करते हूए उनके विकाश का श्रेष्ठतम बिन्दु पर पहचाने हेतु समराट अशोक इंटर कॉलेज परिवार अति सुक्ष्म मनोवैज्ञानिक विधि से शिक्षा ज्ञान का प्रकाश पुंज प्रदान करने मे तत्पर है इसलिये मुझे विश्वास है कि आप ऐसे संस्थान में प्रवेश लेने जा रहे है जिसमें उचत्तम शिक्षा एवम उत्तम भविष्य कि अपार संभावनाएं है अतः मै इस प्रांगन मेँ आपके आगमन का स्वागत करता हूँ और इस नवीन सत्र में अपके प्रति शुभकामनाये करता हूँ

बुधिराम कुशवाहा प्रबंधक

प्रधानाचार्य की कलम से.....

प्रिया छात्रों एवं अभिवावक गण ,

जिस प्रकार पृथ्वी के गर्भ में अथाह व्याकुल उर्ज़ा व अमुल्य धन सम्पदा विघमान है उसी तरह प्रत्येक बाल शरीर में भी अपरमित उर्ज़ा और शक्ति पूर्ण आतंरिक ज्ञान मांसपिंड के अंत पटल पर शुक्ष्म रूप से ज्ञानमयकोश, मनोमयकोश, प्राणमयकोश और आनंदमयकोश में तैरता रहता है और जिस प्रकार वाह्य स्थल पर अनेकानेक परिवर्तन के बाद भी पृथ्वी अपनी अपरिवर्तित गति से अविरक चलतीं रहीं है सौभाग्या से कुछ ऐस सुअवसर हमे भी प्राप्त हुआ है कि सेवा के रूप मै हम अपने संकल्प से सुरसरिता के सुरमय तट पर स्थित इस विद्यालय में अध्यनशील प्रत्येक विद्यार्थी को विद्या के आलोक में उनके कमियों और अज्ञानता को ज्ञान के बज्रभेदी प्रायस से हटा कर, बलबुद्धि को शाश्वत ज्ञानमय वर्शा ओत प्रोत कर सकें जिससे इस वद्यालय में पढ़ने वाले सभी बच्चे हर हाल मै सफ़ल होँ साथ हीं साथ हमारे नेतृत्व क सही प्रयास रहा है कि हमारे विद्यार्थी कठोर अनुशाशन में तपकर आत्मसंयमी एव परिश्रमी बने और भविष्य में समाज और देश के सच्चरित्र व जिम्मेदार नागरिक बने।

सुनील कुमार कुशवाहा, प्रधानाचार्य